राजधानी भोपाल में जाट महाकुंभ: CM शिवराज की घोषणा- वीर तेजाजी बोर्ड बनाएंगे, स्कूलों में जाट समाज के इतिहास को भी पढ़ाया जाएगा। कमलनाथ बोले- मैं घोषणा मशीन नहीं
भोपाल डेस्क :
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जाट महाकुंभ में वीर तेजाजी बोर्ड गठन करने की घोषणा की। तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस तेजादशमी पर ऐच्छिक अवकाश का भी ऐलान किया। CM ने कहा, मध्यप्रदेश के स्कूलों में जाट समाज के इतिहास को भी पढ़ाया जाएगा।
महाकुंभ में CM के बाद पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- मैंने आपकी मांगें सुनीं, घोषणाएं सुनीं। अब कमलनाथ तो घोषणा मशीन नहीं है। मैं घोषणा नहीं करता, क्रियान्वयन में विश्वास रखता हूं। आपके अगले सम्मेलन में आपको हिसाब दूंगा। घोषणा करना आसान है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में जाट समाज के महाकुंभ में समाज के बड़े नेता जुटे हैं।
अपडेट्स…
- दोपहर 1 बजे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मंच पर पहुंचे। उन्होंने कहा- ये वीरों का महाकुंभ है। हमारी संस्कृति हमें एक झंडे के नीचे रखती है। आपको इसे बचाना होगा।
- दोपहर 12.30 बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंच पर पहुंचे। मुख्मयंत्री ने कहा, जाट समाज की उत्पत्ति भगवान शिव की जटाओं से हुई।
10 टिकट की मांग पर CM बोले- यह बस में नहीं…
CM ने विधानसभा चुनाव में जाट समाज को BJP की ओर से 10 टिकट देने की मांग पर कहा, यह मेरे बस में नहीं, झूठ नहीं बोलूंगा। अभी हमारे दो विधायक कमल पटेल और नीना वर्मा बहुतों पर भारी हैं। यह पार्टी का मामला है। हम पार्टी में बात पहुंचाएंगे। जाट समाज के शैक्षणिक भवन के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में जमीन देने के लिए कमल पटेल को अधिकृत किया। चाहे आततायी मुगल हों, बाकी आक्रमणकारी हों, जाट वीर योद्धाओं ने इनके दिमाग ठिकाने लगाए। पैर नहीं जमने दिए। खदेड़-खदेड़ कर मारा। औरंगजेब के खिलाफ बिगुल बजाया।
जाट समाज के ये बड़े नेता जुटे
महाकुंभ में जाट समाज के बड़े नेताओं को बुलाया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम कमलनाथ के अलावा केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कैलाश चौधरी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल, अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह जाट, आरक्षण संघर्ष समिति के यशपाल मलिक, इंडियान नेशनल लोकदल (INLD) के अध्यक्ष अभय चौटाला, राजस्थान के पूर्व मंत्री रामनारायण डूडी, पूर्व सांसद बद्री लाल जाखड़, मध्यप्रदेश के सांसद राव उदय प्रताप सिंह इस आयोजन का हिस्सा होंगे।
जाट समाज की मुख्य मांगें
- मध्यप्रदेश राज्य वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
- तेजाजी महाराज के निर्वाण दिवस तेजादशमी पर सरकारी छुट्टी घोषित की जाए।
- केंद्र की भर्ती परीक्षाओं में जाट समाज को OBC में शामिल किया जाए।
- OBC आरक्षण की बहाली की जाए। 27% आरक्षण लागू किया जाए।
- जाट समाज के शैक्षणिक भवन के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर में जमीन दी जाए।
- चुनाव के समय टिकट वितरण में जाट समाज के उम्मीदवारों को भाजपा से 10 टिकट दिए जाएं।
- ग्वालियर में महाराजा भीमसिंह राणा की छतरी और भीमताल को यथा स्थान पर संरक्षित किया जाए।
- ओंकारेश्वर में स्थित जाट धर्मशाला को भी यथास्थान पर रखा जाए ।
- हूण विजेता जाट सम्राट यशोधर्मन विर्क की मूर्ति भोपाल में स्थापित की जाए।
- मंदसौर में स्थित मूर्ति के नीचे शिलालेख पर जाट सम्राट यशोधर्मन विर्क लिखा जाए ।
- जोगा जाट किले की मरम्मत कराकर शिलालेख लगाया जाए।
- जाट महापुरुषों के इतिहास को मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।



