जयपुर
मृत्यु के बाद मेडिकल कॉलेज में देहदान कर “सांखला” का संकल्प पूरा किया: कोई श्रद्धांजलि सभा नहीं, परिवार का कोई सदस्य बाल नहीं कटवाएगा
जयपुर डेस्क :
जोधपुर शहर के माली नागोरिया का बास रहने वाले मोतीलाल सांखला के मृत्यु के बाद उनकी देह मेडिकल कॉलेज में मेडिकल स्टूडेंट्स के शोध के लिए दान की गई।
अपनी मृत्यु से पहले ही मोतीलाल ने देहदान के लिए वसीयत लिख दी थी।मोतीलाल के परिवारजनों ने बताया कि वे शुरू से ही समाज सुधार के क्षेत्र में काम करते थे।
देहदान का संकल्प उन्होंने अपने जीवित रहते ही ले लिया था। साथ ही उन्होंने परिवार जनों को यह भी हिदायत दे दी कि उनकी मृत्यु के बाद किसी भी प्रकार की तीये, बारहवें की बैठक या श्रद्धांजलि सभा नहीं होगी।
परिवार का कोई सदस्य अपने बाल नहीं देगा और ना ही महिलाएं शोक की साड़ियां पहनेंगी। मोतीलाल साखला 88 वर्ष के थे और वे रेलवे से सेवानिवृत्त थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज में देहदान कर उनका संकल्प पूरा किया।