विदिशा

विदिशा में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ीं: जिला अस्पताल में बढ़ेंगे 100 बेड, जांच के लिए मेडिकल कालेज नहीं भेजने पड़ेंगे सैंपल, 5 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बनेगी आईपीएच लैब

विदिशा डेस्क :

जिला अस्पताल में 100 बेड बढ़ने वाले हैं। इसके बाद अस्पताल 400 बेड का हो जाएगा। शासन ने अस्पताल के विस्तार को मंजूरी दे दी है। अब टेंडर जारी होने की प्रक्रिया चल रही है। आने वाले समय में 100 बेड और बढ़ाकर 500 बेड करने की योजना है। इसके अलावा 5 हजार वर्ग फीट में आईपीएच लैब भी तैयार करवाई जाएगी जिससे एक ही जगह पर 111 प्रकार की जांचें हो सकेगी।

गौरतलब है कि नवंबर 2019 में तत्कालीन सीएम कमलनाथ ने 140.50 करोड़ से बने नए अस्पताल का लोकार्पण किया था। तब अस्पताल को 500 बेड करने की घोषणा की गई थी लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो पाया। फिलहाल अब 4 साल बाद शासन जिला अस्पताल को 300 से 400 बेड करने की योजना पर काम कर रहा है। इस काम में एक साल का वक्त लग सकता है।

जांच के लिए मेडिकल कालेज नहीं भेजने पड़ेंगे सैंपल
जिला अस्पताल में जल्द ही आईपीएच (इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ) लैब बनने जा रही है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इससे महामारी के समय मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अथवा किसी दूसरे बड़े शहर में नहीं भेजना होंगे। बल्कि जिला अस्पताल में ही उनकी जांच हो सकेगी। जिला अस्पताल के सेकंड प्लोर पर लैब का निर्माण चल रहा है। करीब 5 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में लैब बनाई जा रही है।

बता दें कि 300 बिस्तर वाले जिला अस्पताल में अभी 111 प्रकार की जांचें होती है। इसके अलावा गंभीर किस्म अथवा महामारी के दौर में जांच के लिए सैंपल मेडिकल कॉलेज को भेजे जाते हैं। लेकिन भविष्य में जिला अस्पताल में आईपीएच लैब के बनने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। बल्कि अस्पताल परिसर में एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांचें होगी।

लैब में आधुनिक मशीनों की होगी स्थापना
इस लैब में काफी आधुनिक मशीनें रहेगी। कई सैंपल एक विशेष तापमान में लिए जाते हैं। ऐसे में इस लैब में वह भी व्यवस्था रहेगी। साथ ही लैब के अंदर निगेटिव प्रेशर सिस्टम भी लगाया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार बैक्टेरिया लैब में न रहें। इसके अलावा लैब में माइक्रो बॉयलोजिस्ट की पदस्थापना की जाएगी, जिससे सभी प्रकार कल्चर, आरटी-पीसीआर जैसी महामारी वाली जांचें हो संकेगी। वहीं मरीजों को मल मूत्र, ब्लड, कफ आदि जांच के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

पीआईयू के माध्यम से जारी होंगे टेंडर
जिला अस्पताल में आईपीएच लैब बनने जा रही है। इसके बाद एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांचे होंगी। इसके अलावा जिला अस्पताल 300 बेड से 400 बेड का होगा। इसकी मंजूरी शासन ने दे दी है। पीआईयू के माध्यम से टेंडर जारी होना है।
– डॉ संजय खरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल विदिशा।

2015 में शुरू हुआ था नए अस्पताल का निर्माण
विदिशा का नया जिला अस्पताल भवन 62 हजार वर्ग मीटर एरिया में बना है। साल 2015 में इसका निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी की पीआईयू यूनिट, वास्तुविस्ता भोपाल एवं यूनिवर्सल कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड नोएडा द्वारा इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था। नवंबर 2019 में इस अस्पताल का लोकार्पण हुआ था। इसकी कुल लागत 143.9 करोड़ आई थी। 5 मंजिला इस भवन में 300 बिस्तर होने के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप कई सुविधाएं हैं और अभी इनका विस्तार होना है।

ये सुविधाएं मिल सकेंगी

जिला अस्पताल में अभी -ट्रामा यूनिट, ट्राएज एरिया माड्यूलर आपरेशन थिएटर -सीटी स्केन सुविधा -मेटरनल एवं गायनी के लिए माड्यूलर आपरेशन थिएटर -आब्स्ट्रेटिक इमरजेंसी यूनिट – आब्स्ट्रेटिक आईसीयू 10 बिस्तरीय -4 माड्यूली आपरेशन थिएटर कांप्लेक्स -10 बिस्तरीय मेडिकल आईसीयू -10 बिस्तरीय सर्जिकल आईसीयू -08 बिस्तरी पीडियाट्रिक एचडीयू -08 बिस्तरीय पीडियाट्रिक आईसीयू -कार्यालय एवं कांफ्रेंस हाल -मेडिटेशन सेंटर -माड्यूलर किचन -मेडिकल गैस पाइप लाइन सिस्टम -बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट सेंटर -सेंट्रल आरओ सिस्टम -लिफ्ट सुविधा -सेंट्रल एयर कंडीशन सिस्टम -रैन बसेरा, 30 कक्ष और 2 हाल -कमर्शियल ब्लाक केंटीन -ईटीपी एवं एसटीपी -डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर यानी डीईआईसी -हड्डी के आपरेशन के लिए सीआरएम सेंटर आदि की सुविधाएं सुचारु तौर पर मिल सकेंगी।

News Update 24x7

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!