असाधारण प्रतिभा के धनी थे यज्ञ सम्राट कनक बिहारीदास: रोजाना अपने हाथों से 10 क्विंटल से ज्यादा किशमिश प्रसाद के रूप में बांटते थे
न्यूज़ डेस्क :
नटेरन के खैराई में जन्मे और 11 साल की उम्र में भगवान राम के लिए घर छोड़ने वाले यज्ञ सम्राट कनकबिहारी दास(72) और उनके शिष्य विश्राम सिंह का सोमवार को नरसिंहपुर जिले में सड़क हादसे में निधन हो गया। साथ ही सहयात्री रूपदयाल रघुवंशी गंभीर घायल है।
नरसिंहपुर से छिंदवाड़ा लौटते समय उनकी कार पलट गई थी। वे 2024 में अयोध्या में 9009 कुंडीय यज्ञ करवाने की तैयारी में लगे थे। 19 जून को वे अयोध्या में चतुर्मास के लिए पहुंचने वाले थे। इसके पहले वे यज्ञ की ज्यादातर तैयारियां पूरी करवाने में लगे थे। महंत हमेशा 100 रुपए की चप्पल और 200 रुपए की धोती पहनते थे। कंधों पर तौलिया रखते थे।
जब वे यज्ञ में रहते थे तब रोजाना अपने मुट्ठी से 10 क्विंटल से ज्यादा किशमिश प्रसाद के रूप में बांटते थे। जहां वे यज्ञ में रहते थे तब ट्रक भरकर से उनके लिए किशमिश आती थी। बासौदा के पूर्व विधायक और पूर्व संसदीय मंत्री अजयसिंह का कहना है कि वे साधारण जीवन जीते थे, लेकिन असाधारण प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने रघुवंशी समाज से 1 करोड़ 11 लाख रुपए एकत्रित कर राममंदिर निर्माण के लिए चेक दिया था।
यज्ञ के लिए 35 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि एकत्रित करवा दी थी
भगवान श्री राम की भक्ति में लीन रहने वाले महंत कनक बिहारी दास महाराज साल 2024 में फरवरी महीने में श्रीराम महायज्ञ कराने जा रहे थे। जिसकी तैयारियों को लेकर वे नरसिंहपुर गए हुए थे। लौटते समय समय वह इस हादसे का शिकार हो गए। 9009 कुंडीय यज्ञ के लिए 6 हजार यजमानों का चयन कर चुके थे। वहीं 9 प्रधान वेदी में से 5 के लिए यजमान का चयन हो गया था। उन्होंने इस यज्ञ के लिए 111 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था।
रघुवंश कीर्ति पुस्तक का संपादन करने वाले और सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र रघुवंशी का कहना है इसी यज्ञ की तैयारी के लिए महाराज भाग-दौड़ में लगे हुए थे। बासौदा तहसील को इस साल 500 क्विंटल गेहूं एकत्रित करने का लक्ष्य दिया था जो पूरा हो गया है।
विदिशा और आसपास के जिलों में हैं हजारों शिष्य
महंत कनक बिहारी दास जी महाराज मूलतः विदिशा के रहने वाले थे लेकिन वह लंबे समय से लोनीकला श्रीराम जानकी मंदिर में ही रह रहे थे। लगातार वह विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, अयोध्या आदि क्षेत्र के धार्मिक आयोजनों में शामिल होते थे। उनके हजारों शिष्य है।
खैराई में 151, गमाकर में 1111 कुंडीय यज्ञ कराया
रघुवंशी समाज के गौरव और यज्ञ सम्राट के नाम से प्रसिद्ध महंत कनक बिहारी दास ने पिछले साल अपने जन्म स्थान खैराई गांव में 151 कुंडीय यज्ञ करवाया था। इससे पहले 2017 में गंजबासौदा के पास गमाकर गांव की पठार पर 1111 कुंडीय महायज्ञ करवाया था।
मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने मौत पर जताया शोक
कनक दास जी महाराज के निधन की खबर लगते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने दुख प्रकट किया। छिंदवाड़ा के सांसद नकुल नाथ ने भी शोक व्यक्त किया है। विदिशा विधायक उमाकांत शर्मा, राजश्रीसिंह, पूर्व विधायक निशंक जैन ने शोक व्यक्त किया।
पांच भाइयों में सबसे छोटे थे
कनक बिहारी दास महाराज पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। भगवान राम में उनकी ऐसी आस्था थी कि उन्होंने करीब 11 वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया था। शहर के करीब 50 हजार लोग छिंदवाड़ा रवाना हो गए हैं।



