71 हजार युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र: प्रधानमंत्री बोले-दुनिया हमें ब्राइट स्पॉट के तौर पर देख रही, मोदी ने कहा- 2014 के बाद भारत ने प्रोएक्टिव अप्रोच अपनाई
भोपाल डेस्क :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज 71 हजार से ज्यादा युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी मिली है। आज भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। पूरी दुनिया कोविड के बाद मंदी से जूझ रही है, ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। बावजूद इसके, दुनिया भारत को एक ब्राइट स्पॉट के रूप में देख रही है।
गुरुवार को देशभर के 71,506 युवाओं को सरकारी कर्मचारी बनने के नियुक्ति पत्र दिए गए। साथ ही देश में अलग-अलग जगहों पर रोजगार मेला का आयोजन भी हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े। भोपाल में समन्वय भवन में भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। यहां 326 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
पीएम ने कहा- आज का नया भारत जिस नई नीति और रणनीति पर चल रहा है, उसने देश में नई संभावनाओं और अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। एक समय था जब भारत रीएक्टिव अप्रोच (प्रतिक्रियाशील दृष्टिकोण) के साथ काम करता था। 2014 के बाद से भारत ने प्रोएक्टिव अप्रोच (सक्रिय दृष्टिकोण) अपनाई है। इसका नतीजा यह हुआ कि 21वीं सदी का यह तीसरा दशक रोजगार और स्वरोजगार के वो अवसर पैदा कर रहा है, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। प्रधानमंत्री ने 27 मिनट 23 सेकंड तक अपनी बात रखी। स्पीच में सबसे पहले उन्होंने बैसाखी की बधाई दी।
स्टार्टअप ने 40 लाख से ज्यादा जॉब क्रिएट किए
मोदी ने आगे कहा- आज युवाओं के सामने कई ऐसे सेक्टर खुल गए हैं, जो 10 साल पहले युवाओं के सामने उपलब्ध ही नहीं थे। स्टार्टअप का उदहारण हमारे सामने है। स्टार्टअप को लेकर आज भारत के युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्टअप ने 40 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जॉब क्रिएट किए हैं। इसी प्रकार से ड्रोन सेक्टर भी है। बीते 8-9 साल में देश के स्पोर्ट्स सेक्टर का भी कायाकल्प हो गया है।
पहले बच्चे विदेशी खिलौने से खेलते थे, अब नहीं
PM ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की सोच और अप्रोच केवल स्वदेशी अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ से कहीं ज्यादा है। यह सीमित दायरे वाला मामला नहीं है। ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ गांव से लेकर शहरों तक, भारत में रोजगार के करोड़ों अवसर पैदा करने वाला अभियान है। भारत की टॉय इंडस्ट्री का उदहारण आपके सामने है। इससे पहले दशकों तक भारतीय बच्चे विदेशों से इम्पोर्ट किए खिलौने से ही खेलते रहे। न तो उनकी क्वालिटी अच्छी थी और न ही वो भारतीय बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे। हमने आयात होने वाले खिलौने के लिए क्वालिटी पैरामीटर तय किए और अपनी स्वदेशी इंडस्ट्री को बढ़ावा देना शुरू किया। 3-4 वर्ष में ही टॉय इंडस्ट्री का कायाकल्प हो गया और रोजगार के अनेकों नए अवसर तैयार हुए। आज आधुनिक सैटेलाइट से लेकर सेमी हाई स्पीड ट्रेन तक भारत में ही निर्मित हो रहे हैं।
आज हम मोबाइल बना रहे, इम्पोर्ट भी कर रहे
प्रधानमंत्री ने कहा, 8-9 साल में भारत में 30 हजार एलएचबी कोच बने। इससे तमाम रोजगार के अवसर बने। अब भारत में सैन्य हथियार बनेंगे और भारतीय कंपनियों से ही खरीदे जाएंगे, इससे रोजगार के हजारों अवसर पैदा हुए। 2014 के समय ज्यादातर मोबाइल फोन इम्पोर्ट किए जाते थे। आज अगर 2014 से पहले वाली स्थिति होती तो करोड़ो रुपए बर्बाद होते। आज भारत में मोबाइल बन रहे और हम बाहर एक्पोर्ट भी कर रहे हैं।
2014 से पहले मेट्रो लाइन हर महीने मीटर में बनती थी, अब किलोमीटर में
रेल, सड़क आदि के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, हमारी सरकार इंफ्रॉस्ट्रक्चर विकास के लिए जानी जाती है। हमारी सरकार में इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट 4 गुना बढ़ा है। अभी हम हर महीने 6 किलोमीटर की मेट्रो लाइन बना रहे हैं। 2014 से पहले ये आंकड़ा मीटर में होता था और अब हम किलोमीटर में बना रहे हैं।
सिंधिया बोले- पहले युवा रिज्यूम लेकर भटकते थे

केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- पिछली सरकारों में युवाओं को रोजगार के लिए रिज्यूमे लेकर भटकना पड़ता था। दफ्तरों के बाहर लाइन लगानी पड़ती थी। विभागों में सलों वैकेंसी नहीं भरी जाती थी। आज रोजगार का सर्टिफिकेट खुद प्रधानमंत्री के द्वारा दिया जाता है। PM ने ठाना है कि आने वाले सालों में 10 लाख रोजगारों का सृजन किया जाएगा। हमारे लिए गौरव की बात है कि भारत सर्वाधिक युवा आबादी वाला देश है। देश की 70 प्रतिशत जनता 35 साल से कम उम्र की है। 130 करोड़ की आबादी में 90 करोड़ आबादी युवा है। संयुक्त यूरोप की डेढ़ गुना आबादी मेरे देश की युवा आबादी है। पूरे यूएसए की तीन गुना आबादी हमारी युवा शक्ति है।



