भारत की देशी रियासत टोंक के शासनकाल में सिरोंज जिला के रूप में उदघोषित रहा: क्षेत्र के नागरिकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
लटेरी डेस्क :
न्याय मंच के बैनर तले आज सिरोंज लटेरी विधानसभा के सैकड़ों गणमान्य नागरिक बंधुओं समाजसेवी, राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता सहित अनेक लोगों ने लटेरी जय स्तंभ चौराहे पर धरना प्रदर्शन में सम्मिलित होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।
वक्ताओं ने रखे अपने विचार
ज्ञापन सौंपने से पहले सभी अनिश्चितकालीन धरना स्थल पर पहुंचे और वहां पर सिरोंज जिला बनाओ के संबंध में वक्ताओं ने अपने अपने वक्तव्य रखें

न्याय मंच के संस्थापक सवाजीत सिंह यादव ने कहा कि हम न्याय की लड़ाई लड़ते हैं और यह हमारे क्षेत्र की जनता की लड़ाई है हम न्याय लेकर ही रहे इसके लिए चाय हमें कुछ भी करना पड़े सिरोंज को जिला बनाना ही होगा। हमें किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी से द्वेष भावना नहीं है हमारा एक ही उद्देश्य है कि आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए सरकार जल्द से जल्द सिरोंज को जिला घोषित करें और यही हमारी मांग है। कांग्रेस नेता डॉ सुरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सभी को जाति धर्म और राजनैतिक मतभेद भुलाकर सिरोंज को जिला बनाने के लिए आगे आना चाहिए। सिरोंज जिला बनने से सभी की समस्याओं का समाधान श्वेता ही हो जाएगा। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष राम मोहन पाराशर ने कहा कि मैं खुद भाजपा से हूं लेकिन क्षेत्र की समस्याओं के लिए आमजन की सुविधा के लिए मैं न्याय मंच के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहूंगा और 2023 में सिरोंज जिला बनवा कर ही रहेंगे। सामाजिक संगठन जन चेतना मंच के प्रदेश मीडिया प्रभारी संजीव कुशवाहा ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे क्षेत्र के नेताओं की सोच हो गई है कि यदि मैं इनका समर्थन करूंगा तो इस व्यक्ति की फिल्म बन जायेगी, इसलिए एक दूसरे का सहयोग नहीं कर रहे यदि यह आम जनता के साथ मिलकर सहयोग करें तो सिरोंज को जिला बनाने से कोई नहीं रोक सकता।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु
धरना स्थल से सभी लोग मुख्य बाजार से एक रैली के रूप में होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां पर उन्होंने एसडीओ राजस्व लटेरी को सिरोंज जिला बनाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया है कि सिरोंज लटेरी तहसील जिला विदिशा मध्य प्रदेश में होकर 1 नवंबर 1956 के पूर्व भारत की देशी रियासत टोंक के शासनकाल में सिरोंज जिला के रूप में उदघोषित विभूषित रहा है। इसके पूर्व सिरोंज राजा बलि के पुत्र राजा बाणासुर की नगरी सोनितपुर के रूप में विभूषित रहा है, इसके उपरांत आल्हा ऊदल के शासनकाल में इनके भांजे सियानंद के शासनकाल में भी सियागंज के नाम से राजधानी के रूप में स्थापित रहा है, अंग्रेजी शासन काल में यह नाम परिवर्तित कर इस नगरी का नाम सिरोंज किया गया जो कि इतिहास के पन्नों में अभिन्न अंग है। दुर्भाग्य यह है कि बरसों से सिरोंज को जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासी करते आ रहे हैं परंतु सरकार शासन-प्रशासन कुंभकरण की निंद्रा जैसे वाक्यांश में समाहित है परंतु जिस से मुक्त कराने न्याय मंच ने आगाज ऐलान 6 जनवरी से किया है जिसकी आवाज शिवराज सरकार के कानों तक तो पहुंच चुकी है परंतु सकारात्मक विचार परिलक्षित नहीं हो पाया है। इनको जगाने के लिए न्याय मंच ने धरना प्रदर्शन का मोर्चा सिरोंज, लटेरी, कुरवाई क्षेत्र में खोल रखा है ताकि शिवराज सरकार जागे और संज्ञान ले। जिला विदिशा तहसील लटेरी के ग्रामों की दूरी 150 किलोमीटर है ग्रामीण अंचल के पक्षकारों किसानों को नकल लेने के लिए विदिशा तक आवागमन में इतनी दूरी तय करना पड़ता है जिसमें अर्थ समय की बर्बादी होती है एवं कई बार इनको जिला मुख्यालय के कामों से आवागमन करना पड़ती है असुविधा का सामना भी करते आ रहे हैं। जिला मुख्यालय पर विभिन्न प्रकार के कार्यों के संचालन के लिए पक्षकारों को आवागमन कई बार करना पड़ता है तहसील कार्यालय का पुराना अभिलेख जिला मुख्यालय के अभिलेखागार में है जबकि स्थानीय तहसील अभिलेखागार में अभिलेखों का संधारण होना थी, परंतु यह भी दुविधा का विषय बना हुआ है सरकार को ध्यान देना चाहिए। एवं उक्त परिपेक्ष को दृष्टिगत रखते हुए उक्त मांगों को स्वीकृत कराने के साथ ही सिरोंज को जिला घोषित करने का काम शीघ्र हो। इस अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन स्थल सैकड़ों की तादाद में गणमान्य नागरिक बंधु उपस्थित थे।



