उकवा वन परिक्षेत्र में सड़े-गले हालत में मिला तेंदुआ का शव: अंदरूनी अंग पूरी तरह से गले, नहीं हो सका डिटेल पोस्टमॉर्टम, सुरक्षा पर सवाल भी खड़े
न्यूज़ डेस्क :
वनों से घिरे में वन्यप्राणियों की बाहुलता ही उनकी जान की दुश्मन बन गई है। संरक्षित वन्यप्राणियों के शिकार के मामले अक्सर सामने आते रहे है। हालांकि इसमें विभाग को शिकारियों को पकड़ने में मदद में मिली है, लेकिन लगातार संरक्षित वन्यजीवों के शिकार ने उनकी सुरक्षा पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
ताजा मामला उत्तर सामान्य के उकवा वन परिक्षेत्र अंतर्गत खमरिया के पास का है। जानकारी के बाद जहां से वनविभाग की टीम ने सड़ी-गली हालत में मृत तेंदुए के शव को बरामद किया है। हालांकि मृत मिले तेंदुए के बिरसा, आर्गन और अंदरूनी अंग पूरी तरह से गल चुके थे, जिसके चलते उसका डिटेल पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका।
पोस्टमॉर्टम होना मुश्किल
आशंका जताई जा रही है कि तेंदुए की मौत या फिर शिकार, दो हफ्ते पहले हो सकता है। जिस तरह से मृतक तेंदुए के पूरे अंग गल गए हैं, उससे अंदाजा नहीं लग पा रहा है कि आखिर उसकी मौत कब और कैसे हुई होगी। फिलहाल घटना की जानकारी के बाद विभागीय अमले की मौजूदगी में पशु चिकित्सक विजय मानेश्वर, ज्योति मरावी और राहुल मेरावी ने उसके पीएम के दौरान मौत की जानकारी के लिए सैंपल लिया है। जिसे जांच के लिए भेजा जायेगा।



