जयपुर

राजस्थान के पाँच सिद्धहस्त हस्तशिल्पियों को मिला ‘शिल्प गुरू पुरस्कार‘ चौदह श्रेष्ठ हस्तशिल्पी ‘राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार‘ से सम्मानित

जयपुर डेस्क :

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित भव्य ‘‘शिल्प गुरू राष्ट्रीय पुरस्कार‘‘ सम्मान समारोह में राजस्थान के पाँच सिद्धहस्त हस्तशिल्प कलाकारों को शिल्प गुरू पुरस्कार एवं चौदह श्रेष्ठ हस्तशिल्पियों को हस्तशिल्प के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ और केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मान समारोह में शिल्प गुरू पुरस्कार विजेताओं को सम्मान स्वरूप सोने का सिक्का, 2 लाख रुपए की राशी, ताम्रपत्र, शॉल और प्रमाण पत्र प्रदान किया साथ ही हस्तशिल्प राष्ट्रीय पुरस्कार गृहण करने वाले विजेताओं को एक लाख रुपए की राशी, ताम्रपत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया।

वर्ष 2002 में शुरू किये गये शिल्प गुरू पुरस्कार ऎसे सर्वश्रेष्ठ सिद्धहस्त हस्तशिल्पियों को दिया जाता है जिन्होंने हस्तशिल्प के क्षेत्र में गुरू की भूमिका निभाते हुए संबंधित कला को आगे बढ़ाने के लिए बेहतरीन कार्य किया हो। वर्ष 2017, 2018 एवं 2019 के लिए नामित हस्तशिल्प पुस्कार विजेताओं में राजस्थान के विनोद कुमार जांगिड़ को वर्ष 2017 के लिए चंदन की लकड़ी पर बहतरीन कारीगरी के लिए, मोहन लाल सोनी को वर्ष 2017 के लिए मिनिएचर पेंटिंग के लिए, मोहन लाल शर्मा को वर्ष 2019 के लिए ब्रास वायर से शीशम की लकड़ी पर तारकशी के लिए, आशाराम मेघवाल को 2019 और गोपाल प्रसाद शर्मा को वर्ष 2018 के लिए मिनिएचर पेंटिंग में सर्वश्रेष्ठ कार्याे के लिए शिल्प गुरू पुरस्कारों से सम्मानित किया। 

सम्मान समारोह के दौरान हस्तशिल्प के क्षेत्र में बेहतरीन कार्यों हेतु राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त करने वाले राजस्थान के चौदह सिद्धहस्त शिल्पकार भी शामिल है, जिनमें श्री सूनील सोनी (2017) थेवा कला, शोकत अली (2017) उत्सा कला, कमलेश शर्मा (2017) लकड़ी पर तारकशी, ओमप्रकाश जॉगिड़ (2018) चंदन की लकड़ी पर कारीगरी, श्रीमती सुनीता शर्मा (2018) पैपर कटिंग कला, श्रीमती प्रेमदेवी सोनावा (2018) हेंड़ ब्लॉक पेंटिंग, गुलाब सिंह (2019) सिल्वर मीनाकारी, मोहम्मद शरीफ (2019) टाई एवं डाई कला, कमल किशोर सोनी (2019) बोन कर्विग, श्रीमती श्यामलता गहलोत (2019) कोफ्तगिरी कला, द्वारका प्रसाद सुधार (2019) लकड़ी की कारीगरी, दिनेश कुमार सोनी (2019) वर्क पेंटिंग तथा सुश्री नेहा भाटिया और धर्मेन्द सिंह भल्ला (2019) को कुंदल जड़ाई मीनाकारी के श्रेष्ठ कार्यों के लिए ‘राष्ट्रीय हस्तशिल्प‘ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि उक्त सम्मान समारोह में वर्ष 2017, 2018 एवं 2019 के लिए देशभर से नामित किए गये हस्तशिल्प से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के 30 हस्तशिल्पियों को ‘‘शिल्प गुरू पुरस्कार‘‘ एवं 78 हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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