विदिशा

विदिशा में स्कूल शिक्षक विहीन: 12238 पद, 5180 खाली, 55 स्कूल ऐसे जहां पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं

विदिशा डेस्क :

जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। जिले के कई स्कूल शिक्षक विहीन हैं। पहले नवंबर में ट्रांसफर होने की वजह से भी शिक्षकों की कमी आई है। इसके बाद पदों को नहीं भरा गया है। जिले में शिक्षा विभाग में 12238 पदों में से 5180 पद खाली हैं।

जिले के 55 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं। ऐसी ही एक हकीकत नटेरन ब्लॉक के माध्यमिक शाला उमरिया की है। यहां पर 110 बच्चे दर्ज हैं लेकिन शिक्षक एक भी नहीं है। प्राथमिक शाला बरोदा (झगरी) में 55 बच्चे हैं, लेकिन पढ़ाई अतिथि शिक्षक करवा रहे हैं।

माध्यमिक शाला संग्राम पुरम में 65 बच्चे हैं, लेकिन टीचर नहीं है। यही हाल चोड़याई स्कूल का है। यहां 70 बच्चे दर्ज हैं और पिपरोदा में 60 बच्चे हैं। इन स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। खुशलपुरा में और प्राथमिक शाला इमलापुरा में 31- 31 बच्चे दर्ज हैं। शिक्षक एक भी नहीं है।

2018 में शुरू हुआ था मेडिकल काॅलेज, 109 पद भरे, 32 खाली: अटलबिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज में साल 2018 में क्लास लगना शुरू हो गई थीं। कालेज में अभी भी कई पद खाली पड़े हुए हैं। मेडिकल कालेज में चिकित्सा शिक्षकों के 109 पद भरे हुए हैं, जबकि 32 पद अब भी खाली हैं।

1. सिरोंज और कुरवाई में उर्दू में 175 छात्र लेकिन टीचर नहीं
सिरोंज के 3500 छात्र संख्या वाले एलबीएस कालेज में यू जी में उर्दू के 150 और 1762 छात्र संख्या वाले कुरवाई के सरकारी कालेज में उर्दू के 25 छात्र हैं लेकिन दोनों कालेजों में रेगुलर स्टाफ नहीं है। उर्दू पढ़ाने के लिए सिरोंज में 3 और कुरवाई में 1 गेस्ट फैकल्टी रखी गई है। सिरोंज में पीजी में अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और हिस्ट्री जैसे विषय भी नहीं पढ़ाए जाते।

2. बासौदा में गणित के 3 पद खाली
गंजबासौदा के एसजीएस पीजी काॅलेज के प्राचार्य डा. मणि मोहन मेहता बताते हैं कि यहां एमएससी मैथ्स में फैकल्टी के 3 पद स्वीकृत हैं लेकिन तीनों रिक्त हैं। गेस्ट टीचर से काम चला रहे हैं। इसी प्रकार यहां यू जी में संस्कृत टीचर हैं लेकिन पीजी में जनभागीदारी समिति के काम चला रहे हैं। पीजी में हिस्ट्री और पाॅलिटिकल साइंस पढ़ने की सुविधा भी नहीं है। केवल यू जी में ही गेस्ट फैकल्टी से काम चल रहा है।

3. रेगुलर पदों के विरुद्ध गेस्ट टीचर तो रखते हैं
सरकारी कालेज में जिन विषयों में रेगुलर पद तो स्वीकृत हैं लेकिन वहां फैकल्टी नहीं है तो ऐसी स्थिति में वहां शासन की अनुमति से रेगुलर के विरुद्ध गेस्ट फैकल्टी तो रख ली जाती है लेकिन वहां नई भर्ती नहीं की गई है।

हिनोतिया माली और रामपुरा जागीर कहने को हाई स्कूल, शिक्षक पदस्थ नहीं
हाई स्कूल हिनोतिया माली में एक भी शिक्षक नहीं है। इसी प्रकार हाई स्कूल रामपुरा जागीर में एक भी शिक्षक नहीं है। वहीं हाई स्कूल साड़ेर में सिर्फ एक शिक्षक है। इसी तरह माध्यमिक शाला जमनयाई, बरुआखार, बलरामपुर में एक भी शिक्षक नहीं है। माध्यमिक शाला हींगली में एक भी शिक्षक नहीं है। हाई स्कूल करैया में सिर्फ एक शिक्षक है। इसी तरह माध्यमिक शाला बीलखेड़ी में एक भी शिक्षक
नहीं है।

88 हायर सेकंडरी स्कूल, सिर्फ 9 में रेगुलर प्राचार्य
जिले में 88 हायर सेकंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में ज्यादातर प्रभारी के भरोसे चल रहे हैं। खास बात यह है कि 88 प्राचार्य में से सिर्फ नौ में रेगुलर प्राचार्य पदस्थ हैं। वहीं इन स्कूलों में 1599 शिक्षकों में से 451 पद भरे हुए हैं। वहीं जिले में 121 हाई स्कूल में से 107 हाई स्कूल प्रभारी प्राचार्य के भरोसे हैं। जबकि 14 में ही रेगुलर प्राचार्य पदस्थ हैं।

माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी

जिले में 1221 प्रायमरी स्कूल हैं और 649 माध्यमिक स्कूल हैं। माध्यमिक शिक्षकों के 2870 में से 11214 पद खाली पड़े हुए हैं। प्रायमरी में 4649 शिक्षकों में से 3537 पद भरे हैं । वहीं हैडमास्टर के 398 में से 349 पद खाली हैं और 49 पर रेगुलर हैं। जिले में 18 पद व्यायाम शिक्षकों के लिए स्वीकृत हैं लेकिन सभी पद खाली हुए हैं। क्राफ्ट शिक्षक के 2 पद स्वीकृत हैं लेकिन दोनों पद खाली हैं।

पद भरने के लिए शासन को भेजी है जानकारी
जहां शिक्षकों की कमी हो गई है उसकी जानकारी शासन को भेजी है। शिक्षा विभाग में सभी तरह के 12238 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 7058 पद भरे हुए हैं। जबकि 5180 पद खाली हैं।
जीपी राठी, डीईओ विदिशा।

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