विदिशा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन: कलेक्टर ने माना स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी
विदिशा डेस्क :
नीति आयोग ने विदिशा जिले को आकांक्षी जिले को शामिल किया था। जिसके तहत शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाना था। लेकिन विदिशा जिला नीति आयोग के मापदंडों के अनुसार, खरा नहीं उतर पा रहा स्वास्थ सुविधाओं के मामले में विदिशा जिला पिछड़ रहा है। जिसके चलते आज विदिशा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विकासखंड स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।
नीति आयोग ने विदिशा के साथ ही प्रदेश के 8 जिले
आकांक्षी जिलों में शामिल किया था। विदिशा जिले में स्वास्थ सुविधाओं के मामले में काफी काम किया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी सुविधाएं बेहतर नहीं हो पा रही। जिसके कारण आज एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यशाला में स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा की विदिशा जिला राजधानी के नजदीक होने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहतर नहीं है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी के कारण आकांक्षी जिले में विदिशा को शामिल किया गया है, हमें लगातार इसमें सुधार की प्रक्रिया करनी होगी । शुरुआत में तो हमने बेहतर प्रदर्शन किया था लेकिन उसके बाद प्रदर्शन मानकों के अनुरूप नहीं हो पाया है कहीं ना कहीं कमी है । हमें उस कमी को दूर करना है। नीति आयोग के मापदंडों के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनने के लिए सबको प्रयास करना चाहिए। इस कार्यशाला के दौरान कलेक्टर उमाशंकर भार्गव जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश तुकाराम भरसट सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।



