भोपाल

समस्याओं से निजात मिलेगी: 2 मिनट में बनने वाला ऑनलाइन रेल टिकट 20 सेकंड में बनेगा और आपका पैसा भी नहीं अटकेगा

अब 5जी तकनीक से होगा काम

भोपाल डेस्क  :

सितंबर से अगर आप भोपाल में ऑनलाइन रेल टिकट बनवाएंगे तो आपका 100 सेकंड का समय बचेगा। अब तक डेढ़ से दो मिनट में बनने वाले ऑनलाइन रेल टिकट 20-22 सेकंड में बन जाएंगे। कई बार सर्वर डाउन होने, पैसा अटकने जैसी समस्याओं से यात्री परेशान होते हैं। 5जी तकनीक आधारित नेक्स्ट जेनरेशन टिकट सिस्टम लागू होते ही इन समस्याओं से भी निजात मिलेगी।

भोपाल में अभी रोज करीब 12 हजार रेल टिकट ऑनलाइन बनाए जाते हैं। रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार सभी तरह के ऑनलाइन टिकट से लेकर इन्क्वायरी सिस्टम तक अगस्त में पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। रेल मंडल प्रवक्ता सूबेदार सिंह का कहना है कि टिकटिंग की रफ्तार बढ़ते ही इसका फायदा यात्रियों को मिलेगा।

5 हजार करोड़ का बजट
रेलवे ने प्रारंभिक सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। उसी के तहत रेल मंत्रालय को अपनी तकनीकी सेवाएं देने वाले सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने अपग्रेडेशन का काम शुरू कर दिया है।

सबसे पहले यह बदलाव

  • क्रिस का पूरा सिस्टम अब 5जी पर काम करेगा। अब तक कुछ स्थानों पर 4जी और 3जी पर काम कर रहा है।
  • लाइनों की संख्या 40 से बढ़ाकर 140 तक पहुंचा रहे।
  • ऑप्टिकल फाइबर सिस्टम में अब तक आए फॉल्ट को दूर कर अपग्रेेड करा रहे हैं।
  • सॉफ्टवेयर को 5जी और नेक्स्ट लेवल के लिए 6जी के स्तर पर अपडेट कर रहे हैं।
  • पेमेंट मोड सिस्टम में भी एकरूपता लाई जा रही है, ताकि यात्रियों का पैसा अटकने की दिक्कत न आए।

प्रति मिनट 4 लाख लोगों को मिलेगी ऑनलाइन जानकारी

वर्तमान में प्रति मिनट 40 हजार लोगों को रेलवे की ऑनलाइन इन्क्वायरी सिस्टम से ट्रेन शेड्यूल से लेकर अन्य जानकारियां मिल पाती हैं। अब यह संख्या प्रति मिनट 4 लाख तक पहुंचने वाली है। धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 10 लाख तक किया जाएगा।

25 साल पुराना सिस्टम

वर्तमान में क्रिस जिस सिस्टम पर काम कर रहा है, वह 25 साल पुराना है। इस वजह से भी रेलवे को उसमें बदलाव करना पड़ रहा है। सिस्टम जैसे-जैसे पुराना होता जा रहा है, उससे संबंधित शिकायतें बढ़ी हैं। इसको देखते हुए यह अपग्रेडेशन वर्क किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!