भोपाल

सफाई मित्रों को मिलेगा 150 रूपए मासिक जोखिम भत्ता – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

स्टार रेटिंग के आधार पर दिए जाएंगे सफाई मित्रों को चार पुरस्कार
एक हजार से लेकर सात हजार रूपए की मिलेगी पुरस्कार राशि
की पुरस्कार राशि में 25 करोड़ रूपये का प्रावधान
सफाई के कार्य में लगे लोगों का सेवा भाव प्रशंसनीय
शहर को साफ रखने वाले सफाई मित्र मेरे लिए पूज्यनीय

भोपाल : 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहरों, कस्बों और ग्रामों को स्वच्छ रखने वाले सफाई मित्र मेरे लिए पूज्यनीय हैं। सफाई मित्रों के पसीना बहाने के फलस्वरूप ही स्वच्छता बनी रहती है। यह सबसे बड़ा काम है। यदि सफाई मित्र यह काम न करें, तो शहर बीमार हो जाएंगे। इनका सेवा भाव प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री ने आज अपनी जन्म वर्ष गाँठ पर स्थानीय मोतीलाल नेहरू विज्ञान महाविद्यालय खेल मैदान में सफाई मित्रों को भोजन परोसा, उनका सम्मान किया, सार्वजनिक कार्यक्रम में दो सफाई मित्रों छोटेलाल और निर्मलाबाई के पैर धोकर (पाद प्रक्षालन कर) उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कन्याओं के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में कचरा मुक्त शहर के लिए स्टार रेटिंग के आधार पर सफाई मित्रों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके लिए चार पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही सफाई मित्र को प्रतिमाह 150 रूपए का जोखिम भत्ता भी दिया जाएगा। पुरस्कारों के लिए 25 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सफाई मित्रों का मैं हृदय से सम्मान करता हूँ। आज का कार्यक्रम सिर्फ कर्मकाण्ड नहीं है। सफाई मित्रों ने अपनी मेहनत से प्रदेश के ग्रामों, नगरों और कस्बों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में पूरा सहयोग दिया है। इसलिए आज सफाई मित्रों को सेवा सम्मान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अपनी जन्म वर्ष गाँठ पर पहले मैंने पौधा लगाया, फिर सफाई और श्रमदान का कार्य कर सफाई मित्रों के पैर धोने और उनके साथ भोजन करने के इस कार्यक्रम में शामिल हो रहा हूँ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं प्रेरक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता के मामले में हम सभी के प्रेरक हैं। शहरों के साथ ही सभी स्थानों में स्वच्छता और सुंदरता का महत्व है। बापू ने भी कहा था कि जहाँ स्वच्छता होती है वही भगवान रहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया है। उनके आव्हान पर देशवासी सार्वजनिक स्वच्छता के महत्व को समझकर अपने आस-पास और अपने ग्राम, नगर को स्वच्छ बनाए रखने का पूरा प्रयत्न करते हैं। प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि वे स्वच्छता के मामले में अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करें। सफाई मित्रों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई सहित अन्य कठिनाइयों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए पृथक से समस्याओं का अध्ययन कर समाधान की राह निकालेंगे।

स्टार रेटिंग पर एक से सात हजार रूपए की राशि मिलेगी सफाई मित्र को

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में कचरा मुक्त शहर के सफाई मित्रों को स्टार रेटिंग के आधार पर पुरस्कार राशि दी जाएगी। इन पुरस्कारों में एक स्टार प्राप्त करने वाले शहरों के प्रत्येक सफाई मित्र को एक हजार रूपए, तीन स्टार प्राप्त करने वाले शहरों के प्रत्येक सफाई मित्र को तीन हजार, पाँच स्टार प्राप्त करने वाले शहरों के प्रत्येक सफाई मित्र को पाँच हजार रूपए और सात स्टार प्राप्त करने वाले शहरों के प्रत्येक सफाई मित्र को सात हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। सफाई मित्रों के लिए प्रतिवर्ष 12 करोड़ रूपए की राशि जोखिम भत्ते पर व्यय होगी। प्रत्येक सफाई मित्र अपने शहर को 5 स्टार या 7 स्टार दिलवाने का प्रयास करें। नागरिक भी सहयोग करें। हमारे सफाई कर्मी अब हमारे सफाई मित्र हैं और ये सफाई मित्र के नाम से ही पहचाने जाएंगे। विधायक कृष्णा गौर, पूर्व महापौर आलोक शर्मा, सुमित पचौरी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नगरीय क्षेत्रों में कचरे के प्रबंधन के लिए गारबेज फ्री सिटी की अवधारणा पर वर्ष 2020 से स्वच्छ भारत में अमल किया जा रहा है। इसके लिए नगरों के मूल्यांकन मानदंड निर्धारित हैं। इसमें कचरे के प्रबंधन के स्तर के अनुसार 1, 3, 5 और 7 स्टार की रैंक नगरीय निकायों को प्रदान की जाती है। इसमें घर से निकलने वाले कचरे का संग्रहण, परिवहन, प्र-संस्करण और वैज्ञानिक ढंग से निपटान को प्रमुख आधार बनाया गया है। इसके अलावा व्यावसायिक और आवासीय इलाकों में प्रतिदिन झाडू़ लगाने, नगरीय क्षेत्रों के जल संरचनाओं की सफाई, उद्यानों के विकास और निर्माण का परीक्षण किया जाता है। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, रीवा और सागर में विभिन्न तरह के 61 हजार 142 सफाई मित्र कार्य कर रहे हैं। खुले में शौच की समस्या से मुक्त होकर स्वच्छता के अभियान को आगे बढ़ाते हुए ओडीएफ प्लस और ओडीएफ प्लस प्लस के साथ ही वॉटर प्लस के मानदंड भी तय किए गए हैं। वॉटर प्लस प्राप्त करने के लिए निकायों को प्रदान किए गए जल प्रदाय को 100 प्रतिशत उपचारित कर 25 प्रतिशत पुन: उपयोग सुनिश्चित करना होता है।

कार्यक्रम में बताया गया कि निकायों द्वारा जीरो वेस्ट सिद्धांत पर कचरा उत्सर्जन का कार्य किया जा रहा है। आज एमवीएम ग्राउंड पर हुए इस कार्यक्रम में भोजन के बाद अविलंब तत्काल गीला और सूखा कचरा एकत्र कर उसका आवश्यक प्रबंधन किया जाएगा। प्रमुख सचिव नगरीय विकास मनीष सिंह, प्रमुख सचिव जनसंपर्क राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त नगरीय विकास निकुंज श्रीवास्तव, संचालक जनसंपर्क आशुतोष प्रताप सिंह, कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया उपस्थित थे।

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