नई दिल्ली

ISIS ने शेयर की भगवान शिव की खंडित सिर बाली फोटो, लिखा झूठे देवी देवताओं को तोड़ने का समय आ गया

नई दिल्ली : 

ISIS की पत्रिका ‘वॉयस ऑफ हिंद’ ने भगवान शिव की सिर कटे डिजिटल तस्वीर के साथ अपना नया अंक जारी किया है। आतंकवादी संगठन ISIS ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए पत्रिका ‘वॉयस ऑफ हिंद’ मैगजीन में भगवान शिव की सिर कटे की फोटो वाले पोस्टर को वायरल किया है। इस पोस्टर के वायरल होने के बाद कर्नाटक में सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तटीय जिले उत्तर कन्नड़ में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। स्वयंभू विश्लेषक और पर्यवेक्षक अंशुल सक्सेना ने अपने ट्विटर पर इस तस्वीर को शेयर किया है। जिसमें दिख रहा है कि ISIS द्वारा मैगजीन के पोस्टर में सिर काटे गए शिव की मूर्ति की तस्वीर लगाई गई है।

पोस्टर में दिख रहा है कि भगवान शिव के सिर की जगह पर आईएसआईएस के झंडे को लगाया गया है। साथ ही इस पोस्टर लिखा है-“झूठे देवताओं को तोड़ने का समय आ गया है”। पत्रिका यह ताजा अंक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ। लोग इस तस्वीर को साझा कर सरकार से कर्नाटक के मुरुदेश्वर शिव मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। क्योंकि कवर पर जो तस्वीर छापी गई है वो इसी मंदिर के शिवमूर्ति से मिलती-जुलती है।

बता दें कि मुरुदेश्वर मंदिर तीनों ओर से अरब सागर से घिरा हुआ है। ‘मुरुदेश्वर’ भगवान शिव का ही एक नाम है। इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि इसके परिसर में भगवान शिव की एक विशाल मूर्ति स्थापित है, जिसे दुनिया की दूसरी सबसे विशाल और ऊंची शिव प्रतिमा (मूर्ति) माना जाता है। भगवान शिव की इस विशाल मूर्ति की ऊंचाई करीब 123 फीट है। इसे इस तरीके से बनाया गया है कि दिनभर सूर्य की किरणें इसपर पड़ती रहती हैं, जिसकी वजह से मूर्ति हमेशा चमकती रहती है। इसे बनवाने में करीब दो साल का वक्त लगा था और करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आई थी। इस खास मंदिर को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

वॉयस ऑफ हिंद के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई
फरवरी 2020 में एक ISIS समर्थक मीडिया आउटलेट और जुनुदुल खिलाफ़ अल-हिंद, अल-किताल मीडिया सेंटर ने ‘वॉयस ऑफ़ हिंद’ पत्रिका लॉन्च की थी। द प्रिंट में सितंबर 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कहा कि यह पत्रिका पाकिस्तान और बांग्लादेश में एक ‘कॉल सेंटर टाइप सेटअप’ में बनाई जा रही थी। गौरतलब है कि इसी साल के अक्टूबर महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने ‘वॉयस ऑफ हिंद’ पत्रिका (जिसका मकसद प्रभावशाली युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है) के प्रकाशन और IED की बरामदगी के संबंध में जम्मू-कश्मीर में 16 जगहों पर छापेमारी की थी।

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