भोपाल

सीएम शिवराज सिंह चौहान, एनजीओ को लेकर हुए सख्त, इन `खास` अपराधों पर नजर रखने के अधिकारियों को दिए निर्देश

बैठक के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों पर रोक महत्वपूर्ण हो गई है.

भोपालः 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर्स और कलेक्टर्स के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था (Law and Order) के मुद्दे पर बैठक की. इस दौरान सीएम शिवराज का जोर साइबर क्राइम (Cyber Crime) की रोकथाम और उसके बढ़ते खतरे पर रहा. सीएम ने अधिकारियों को साइबर सुरक्षा (Cyber Security) को लेकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं. सीएम शिवराज ने कहा कि साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर हमें प्रो एक्टिव रहना चाहिए. 

क्या बोले CM Shivraj
बैठक के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों पर रोक महत्वपूर्ण हो गई है. हम साइबर अपराध रोकने में पीछे ना रहें, इसकी पूरी तैयारी की जाए. सीएम ने डीजीपी से साइबर सुरक्षा के मुद्दे पर रोडमैप बनाकर देने और इसे लेकर प्रो एक्टिव रहने के निर्देश दिए. 

स्मार्ट पुलिसिंग (Smart Policing) पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर दिया. स्मार्ट पुलिसिंग से उनका मतलब S – Strict and Sensitive (कठोर एवं संवेदनशील), M – Modern and Mobile (आधुनिक एवं गतिशील), A – Alert & Accountable (सजग एवं उत्तरदायी), R – Reliable and Responsive (विश्वसनीय एवं अनुक्रियाशील), T – Tech-Expert and well Trained (तकनीक दक्ष एवं कुशल प्रशिक्षित) से है. सीएम ने अधिकारियों से राष्ट्रीय काउंटर ड्रोन नीति पर भी चर्चा की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम प्रधानमंत्री जी के निर्देशों के अनुसार तैयारी करें.’ 

सीएम शिवराज ने सोशल मीडिया पर बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “कलेक्टर, एसपी अपने-अपने स्तर पर सरकार के प्रतिनिधि हैं. जिलों में उन्हीं के काम पर जनता को सुशासन देना निर्भर है. उन्हीं के कार्य से सरकार की विभिन्न योजनाएं जनता तक पहुंचती हैं. जिला स्तर पर कलेक्टर एसपी के अच्छे कार्य का बेहतर असर होता है लेकिन ढिलाई रहती है. उससे सरकार की छवि प्रभावित होती है. संपूर्ण प्रशासनिक अमला पूरी प्रतिबद्धता से काम करे. “

एनजीओ (NGO) को लेकर भी सख्त हुए सीएम
सीएम शिवराज ने बैठक के दौरान संदिग्ध एनजीओ को लेकर भी सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि जितने भी NGO हैं, जिन्हें विदेशी फंडिंग मिलती है, उन्हें चिन्हित करें और एनजीओ, फंडिंग का क्या-क्या उपयोग करते हैं, उसकी भी जानकारी लें. वैमनस्य फैलाने और समाज को तोड़ने का काम करने वाले, धर्मांतरण करने वाले एनजीओ को भी मध्य प्रदेश में नहीं रहने दिया जाएगा. समाज को तोड़ने में कई एनजीओ का भी हाथ है, उनकी सूची तैयार होनी चाहिए. जो भी लोग इनसे जुड़े हैं, उनकी भी जानकारी होनी चाहिए. 

माओवादियों को लेकर ये बोले
मुख्यमंत्री ने माओवादियों की समस्या को लेकर कहा कि पिछले दो वर्षों में सात हार्डकोर माओवादी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं. तीन हार्डकोर माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं. भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है. माओवादियों की फंडिंग रोकने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है. सीएम ने कहा कि पिछले 2 सालों में तेंदूपत्ता ठेकेदारों से रंगदारी लगभग बंद हो गई है. माओवादियों को हथियार सप्लाई करने वाले गिरोहों पर भी कार्रवाई की गई है. स्थानीय स्तर पर माओादियों द्वारा किए जा रहे भर्ती के प्रयास भी लगातार असफल किए जा रहे हैं. 

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